Ravish Kumar Official
May 28, 2026
TL;DR
पत्रकार रवीश कुमार क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की शानदार प्रतिभा को भारतीय सरकार और समाज की व्यापक विफलता के विरोधाभास से जोड़ते हैं।
“जब एक बच्चा इतनी संभावनाएं लिए आ सकता है तब फिर उसी देश की अर्थव्यवस्था से लेकर व्यवस्था तमाम मामलों में इतना कमजोर और पिछड़ती हुई क्यों नजर आती है?”
— रवीश कुमार
“लय, ताल, शांति, संयम, तीव्रता, आक्रामकता और विनम्रता। वैभव की बल्लेबाजी में आपको सारी खूबियां मिल जाएंगी। लेकिन ठीक इसके उलट आप देश की राजनीति, देश की सरकार और मीडिया में देखिए।”
— रवीश कुमार
“गोदी मीडिया अगर पेन है तो वैभव सूर्यवंशी पेन किलर बन गया है।”
— रवीश कुमार
“यह देश अपनी सामूहिक नाकामी का सामना नहीं करना चाहता। WhatsApp ग्रुप में छिपकर जातिवादी सांप्रदायिक बातों पर चटखारे लेना चाहता है। मगर बाहर निकलने के लिए वैभव जैसे बच्चे को नायक बनाता है, बहाना बनाता है।”
— रवीश कुमार
1. वैभव सूर्यवंशी की असाधारण प्रतिभा
15 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने अपने शानदार खेल से सभी को मोहित कर दिया है। उनकी बल्लेबाजी में सभी खूबियां - लय, ताल, शांति, संयम, तीव्रता और विनम्रता - दिखाई देती हैं।
2. परीक्षा व्यवस्था में संकट
नीट और सीबीएसई की परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली और अन्य गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा कोई महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाया जा रहा है।
3. सरकार की विफलता
प्रधानमंत्री मोदी सरकार 12 वर्षों में सभी शक्तियों के बावजूद सामूहिक विफलता दिखा रही है। विनम्रता की जगह अहंकार और जवाबदेही का अभाव दिख रहा है।
4. न्यायपालिका में विरोधाभास
सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के बीच न्यायपालिका के भ्रष्टाचार को लेकर असमंजस दिखता है। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से संबंधित अध्याय हटाया गया।
5. अर्थव्यवस्था में संकट
भारत एआई और चिप निर्माण में पिछड़ रहा है। पूर्वी एशियाई देश आगे निकल गए हैं। विदेशी निवेशक अपना पूंजी निकाल रहे हैं।
6. बुनियादी ढांचे की समस्याएं
नई दिल्ली में 90 मिलियन गैलन पानी की दैनिक कमी है। विमान किराए महंगे हो रहे हैं। बिजली कटौती बढ़ रही है। आवासीय आग में हाइड्रोलिक सीढ़ियों का अभाव है।
7. मीडिया की भूमिका
गोदी मीडिया धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों पर केंद्रित है जबकि वास्तविक समस्याओं जैसे पानी, बिजली, रोजगार और बुनियादी ढांचे को नज़रअंदाज़ कर रहा है।
8. सांप्रदायिक राजनीति
धार्मिक राजनीति के कारण भारत में डर और असुरक्षा ने संभावना की जगह ले ली है। दुनिया भर में भारत की कहानी खत्म बताई जा रही है।
9. जनता की प्रतिक्रिया और आशा
जनता वैभव सूर्यवंशी की सफलता को अपनी सामूहिक नाकामी से बचने का बहाना बना रही है। लेकिन यह सफलता अन्य क्षेत्रों में सुधार की प्रेरणा भी दे सकती है।
10. निष्कर्ष और भविष्य
एक विरोधाभासी देश जहां एक तरफ वैभव जैसी प्रतिभा निकल आती है, लेकिन दूसरी तरफ व्यवस्थाएं खंडहर हो रही हैं। इस स्थिति को बदलने के लिए सामूहिक चेतना की जरूरत है।